21 जुलाई 2013 - 19:30
शिया जामा मस्जिद सफ़ीपुर, उन्नाव में विरोध सभा

शिया जामा मस्जिद सफ़ीपुर, उन्नाव में एक विरोध सभा का आयोजन हुआ। यह जलसा, दिल दहला देने वाली यह ख़बर मिलने के बाद कि सीरिया की राजधानी दमिश्क़ में स्थित हज़रत ज़ैनब के रौज़े पर आतंकवादियों नें हमला किया जिससे रौज़े के बाहरी हिस्से और सहेन को नुक़सान हुआ और रौज़े की देख रेख करने वाले अनस रूहानी शहीद हो गए, के बाद आयोजित किया गया।

शिया जामा मस्जिद सफ़ीपुर, उन्नाव में एक विरोध सभा का आयोजन हुआ। यह जलसा, दिल दहला देने वाली यह ख़बर मिलने के बाद कि सीरिया की राजधानी दमिश्क़ में स्थित हज़रत ज़ैनब के रौज़े पर आतंकवादियों नें हमला किया जिससे रौज़े के बाहरी हिस्से और सहेन को नुक़सान हुआ और रौज़े की देख रेख करने वाले अनस रूहानी शहीद हो गए, के बाद आयोजित किया गया।ज़िला उन्नाव के मशहूर क़स्बे सफ़ीपूर की शिया जामा मस्जिद में विरोध सभा अन्जुमने इमामिया के अध्यक्ष जनाब सय्यद फ़रमान अली नक़वी की अध्यक्षता में हुआ। जलसे में मौलाना जाबिर जौरासी नें इस दिल दहला देने वाली घटना पर प्रकाश डाला और आम राय से यह बाते पास की गई कि 1. यह जलसा जनता, मुख्य रूप से मुसलमानों से माँग करता है कि वह रसूल ख़ुदा स. की नवासी के रौज़े पर इस आतंकवादी हमले को हल्के में न लें बल्कि इस पर शांतिपूर्ण तरीक़े से ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन करें। 2. जो देश सीरिया के बाग़ियों को असलहे पहुँचा रहे हैं और उनकी आर्थिक मदद कर रहे हैं वह फ़ौरन मदद बंद करें वरना ऐसी घटनाओं के वह स्वयं ज़िम्मेदार होंगे। 3. इस प्रकार के देश ज़िम्मेदारी लें कि भविष्य में ऐसी घटनाएं सामने नहीं आएंगी। 4. इस्लामी उल्मा कड़े शब्दों में इस घटना की निंदा करें और इसे इस्लाम विरोधी व अमानवीय काम बताएं। 5. हम सीरिया की सरकार से माँग करते है कि वह इन आतंकवादियों पर अपनी पकड़ मज़बूत करे और उन्हें गिरफ़्तार कर के कड़ी से कड़ी सज़ा दे।